बुधवार, 15 जून 2011

बाबे ने सनेसो, सिंगा-मुठिया राख सागै

चौक हुवै चायै पाटो। बाबो पूरी तरै चौभाटै है। कुण किण नै रोक सक्यो है। बाबो चीज ही क्या। लारलै दिनां बीकाणै आयौ जद भी रइसां रो राजा। नोखा रोड पर रैवास हो जठै मिळन खातर गया जकां री मन में ही रैय गी। उण दिन सूं ईज बाबो थरपग्यो रइसां रो बाबो। पइसा फेंको, तमाशा देखो। इण सैर ने कीं पड़ी है। घणा ई बाबा देख्या है। प्रबल ब्रह्मचारी सूं लेय र बाबा रामदेव ताणी। इण धरमधरा में सब नै नाम। सैं रो सिनमान। बाबे रे नांव भी पाळा खिंचिजग्या है। पचास डिग्री खने पूग्ये सैर रो पारो पाटे पर सौ रे नेड़े-तेड़े लागै।
बाबे रा पख लेवण्या किसा कम है। बोले, बाबो सरुआत को करी। आ केंवता ईज लोग लालकृष्ण आडवाणी सूं लेयर अन्ना हजारे तईं घणखरा नांव गिणा देवे। म्हनै तो अेक बात बता क बाबे रो अनशन तोड़ावण खातर श्रीश्री अर बापू किंया पूग्या। बाबे रा हेताळु चुप। इत्ते में पाटे पर हाथ धर्यां खड््यो अेक जणों बोले-पइसो संयुक्त राष्ट्र संघ सूं मिळ्यो हो मैदान री बुकिंग खातर। चौक में सरनाटो। ओ नुवो खटको। संयुक्त राष्ट्र संघ? ओ अठै कठै सूं आयो। बोलणियो भी अचकचाय ग्यो। बो   कचैड़ी में कोई संघ-संघ करतो। क पइसा वठै सूं आया है। पाटे पर हंसी रो फव्वारो। डोफा बो संयुक्त राष्ट्र संघ नीं है।
बाबे रे समर्थकां ने मौका मिळ जावै। कोई ने कीं ठा ईज कोयनी अर बोलण नै ढुकग्या। आ कोई बात हुई। बाबा खने किसा पइसा कोयनी। भगत ई घणां। जे बाबा चावै तो घणो ई पइसो है। इण आंदोलन सूं देस री भलाई करणो चावै। जे काळो धन पाछौ आ जावै तो देस री दसा सुधर जावै। पणा थांनै तो हर जगां राजनीति लागै। चौक में थोड़ी ताळ री सून। बाबावादी हावी हुवण लाग्या। यूं लागे हो क बाबो ई साचो, सैं झूठा। इत्ते में अेक बोल्यो। म्हने तो आ बता क शनिवार ने बी जलियावाले बाग सूं थारो बाबो भाज्यो क्यों? बाबावादी बोल्या नीं भाजता तो मर्डर हुय जांवतो। तो फेर इत्ता लोग-लुगायां ने किण रै भरोसे छोड़ द्यो हो। जका थांरै भरोसे आया, उणा ने आपरै हाल पर छोडर जावणो नेतागिरी तो कोयनी। अबै आ है कईं जकी, म्हांसू क्यों पूछे लाडी? नेतो इस्यो तो हुवै कोयनी।
बाबावाद चुप। शनिवार रो रातारौळो कुण नीं देख्यो हो। सरकार री इमरजैंसी जेड़ी जोरां-जबर्दस्ती। भारतीय टीम री दाई बाबो पैली तो चकारियो बणायो अर फेर गायब हुयग्यो। बोल लाडी-सरकार गळत, काळो धन आवणो चइजै। आंदोलन सही, लोग-लुगायां भी जुडऩा चइजै। जुड़्या भी। पण इस्यो नेता किण काम रो?
बाबावादी बापड़ा कईं बोलता। पाटे पर तो किण री चाली है। डोकर खंखारो करता बोल्या-देख थांरी जे बाबे तईं पूग है तो म्हारी बात पूगा दे-बाबे ने बोल क आपरै सागै किरणबेदी, केजरीवाल, भूषण जिसा दो-च्यार सिंगा-मुठिया राख। हजारे री हाजरी सरकार भर सके तो रामदेव रा राम तो रैयसी।
-हरीश बी. शर्मा  

1 टिप्पणी:

  1. वाह भईजी। जोरदार। बाबे री एक दो कमजोरी बाबे ने अबे समझ में आवण लाग गी। एक तो बाबो, बोले धणो और दूसरी बात के बाबो जिकी बात जोश में बोल देवे, बिने अटल और एकल फैसलो मान लेवे। अबे तो बाबे ने दो चार सिंगा-मुठिया राखणा ई पडसी।

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